आजादी के अमृत काल मे यह दृढ़ विश्वास बढ़े कि,यह देश हमारा है, हम सब देश के लिये: अर्जुन मुंडा
केंद्रीय बजट के केंद्र में देश का आम आदमी: दीपक प्रकाश
रांची।भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज पार्टी के आर्थिक प्रकोष्ठ द्वारा केंद्रीय बजट 2022-23 पर एक परिचर्चा आयोजित हुई जिसमें शहर के गणमान्य बुद्धिजीव,विश्वविद्यालय के कुलपति,शिक्षविद, आर्थिक विशेषज्ञ, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी, प्राध्यापक,अधिवक्ता,चिकित्सक,व्यवसायी ,सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।
बतौर मुख्य अतिथि संगोष्ठी को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने सारगर्भित उद्बोधन किया।श्री मुंडा ने कहा कि व्यक्तिगत, सामाजिक जीवन की तरह ही राष्ट्र के जीवन मे भी उत्सव के अवसर आते है जिसमे हम अतीत की अच्छाइयों के साथ भविष्य जीवन के लिये नए उत्साह और उमंग के साथ हम सब नए संकल्प से जुड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि आजादी का 75 वें वर्ष के उत्सव में भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।यह साल उत्सव के साथ संकल्प तय करने का अवसर है।उन्होंने कहा कि इस वर्ष के केंद्रीय बजट में अगले 5वर्ष के साथ 25 वर्ष के विकास की रूप रेखा है। 100 साल का आजाद भारत कैसा होगा इसकी स्पष्ट झांकी है।
उन्होंने कहा कि भारत एक परिवार है,एक जन है इस दृष्टि से सोचने का अवसर है। आज पहली बार इस देश मे देश के प्रत्येक नागरिक की चिंता और उसे विकास की मुख्यधारा में सहभागी बनाया गया है। यह सरकार आलोचनाओं में न पड़ते हुए नए भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
कहा कि इस बजट में हर परिवार,हर व्यक्ति को पार्ट ऑफ इकॉनमी बनाया गया है। सबका साथ,सबका विकास,सबका विश्वास,सबका प्रयास इसी मूलमंत्र की अभिव्यक्ति है। अब देश की आबादी लायबिलिटी नही बल्कि पार्ट ऑफ इकॉनमी है।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने स्वयं के साथ देश की जनता को प्रतिबध्दता से जोड़ा है।
उन्होंने कहा कि देश में अब एकांगी नही समग्रता में सोच विकसित हुआ है। देश को ऐसी व्यवस्था से जोड़ा जा रहा जो स्व शासित भी हो और स्व चालित भी। अंतिम व्यक्ति उसकी हिस्से की सुविधा पहुचे।सभी जरूरतें स्वाभाविक रूप से उपलब्ध हो।
उन्होंने प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना और डिजिटल इंडिया पर बोलते हुए कहा कि इससे विकास समावेशी, स्थायी और त्वरित होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल की अप्रत्याशित चुनौतियों मे भारत की नई पहचान विश्व मे बनी। विकसित देशों के साथ भारत ने दुनिया को कोविड टीका बनाकर देश की क्षमता को स्थापित किया।यह सब मोदी जी के कुशल नेतृत्व से ही संभव हुआ।
कहा कि मोदी जी ने विश्व पटल पर भारत की प्राचीन सोच को महिमामंडित किया। आज भारत ने केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था नही वैश्विक विकास पर जोर दिया है। एक सन,एक ग्रिड की बात पर दुनिया विचार करने लगी है।कहा कि विकास के साथ उसके परिणाम,उत्पादकता पर भी विचार किया जाने लगा है। अगर फसल का उत्पादन बढ़ता है तो फिर उसके बजार,रख रखाव की भी चिंता की जा रही।
उन्होंने कहा कि केंद्र राज्य सरकार के आपसी तालमेल पर जोर दिए जा रहे।
कहा कि भारत समूहों का देश नही बल्कि ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत है।कहा कि आज देश में कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है ,इसे बोलने वालों की तादाद बढ़ी है। अब सरकार की योजनाओं में जम्मू कश्मीर को छोड़कर नही लिखा जाता है।
बजट पर बोलते हुए कहा कि जहाँ चालू वित्तीय वर्ष में विकासदर 9.2प्रतिशत रहने का अनुमान है वही बजटीय घाटा महज 46 प्रतिशत है।
कहा कि बजट में विकास को प्रोत्साहन मिला है। पूंजीगत व्यय में 35 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है,सड़क ,रेल, परिवहन,बुनियादी शिक्षा, उद्योग एवम कौशल विकास,बैंकिंग एवम वित्त,कृषि स्वास्थ्य,स्वच्छता, रक्षा,एवम अन्य विकास कार्यों में ऐतिहासिक प्रावधान किए गए है जो आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी भारत स्वावलंबी भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।झारखंड पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस राज्य के शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क,बिजली,हर घर नल जल जैसे सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों केलिय बजट में प्रावधान है जिसके लिये राज्य सरकार को योजनाएं बनानी चाहिये।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि केंद्रीय बजट के केंद्र में देश का आम आदमी है। सर्व समावेशी और सर्व स्पर्शी बजट के साथ प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में तीव्र गति से भारत आगे बढ़ चला है। कहा कि सबका साथ सबका विकास मूलमंत्र सार्थक हो रहा।उन्होंने कहा कि देश के अमृत महोत्सव वर्ष में नवनिर्माण का अमृत प्राप्त हुआ है। यह देश को नई गति,नई शक्ति और ऊर्जा देगा।
कहा कि अगले 25 वर्षों की विकास रेखा है यह बजट जो 100 वर्षों के आजाद भारत की आभा को बढ़ाएगा,विश्व गुरु बनाएगा।उन्होंने कहा कि यह बजट जनता को बोझ देने वाला नही सुबिधा देने वाला बजट है।इसमे समावेशी और डिजिटल सोच है।
उन्होंने कहा कि बजट को झारखंड की जनता ने सराहा है।
इसके पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण एवम दीप प्रज्वलित कर हुआ।संचालन कोषाध्यक्ष दीपक बंका ने एवम वंदेमातरम डॉ राजश्री जयंती ने,धन्यवाद ज्ञापन आर्थिक प्रकोष्ठ के संयोजक सीए जेपी शर्मा ने किया।
स्वागत अमित सिंह,रवि भट्ट, मृत्युंजय शर्मा,राहुल अवस्थी,रजनीश पांडेय विनय सिंह ,राजकुमार एवम राजीव अग्रवाल ने किया।कार्यक्रम में महामंत्री आदित्य साहू,डॉ प्रदीप वर्मा, बालमुकुन्द सहाय,मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, तारिक इमरान सहित साईनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति एसपी अग्रवाल,पूर्व रजिस्ट्रार अमर कुमार चौधरी, देवनाथ बेहरा सहित सरला बिरला विश्वविद्यालय के प्राध्यापक गण,सहित प्रकोष्ठ के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।