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महंगाई कॉरपोरेट परस्त नीतियों की देन: वामदल

रोको महंगाई बांधो दाम, नहीं तो होगा चक्का जाम का लगा जोरदार नारा

रांचीअल्बर्ट एक्का चौक पर वाम दलों ने आज मंहगाई विरोधी अभियान चलाया। रोको महंगी बांधो दाम नहीं तो होगा चक्का जाम के नारे के साथ वामदलों ने महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ देशव्यापी अभियान के तहत आज अल्बर्ट एक्का चौक पर अभियान चलाया। महंगाई विरोधी जोरदार नारों के साथ पर्चा वितरित किया गया। भाकपा(माले) ,भाकपा माकपा, एसयूसीआई राजद मासस, समेत वामदलों। के नेतागण उपस्थित थे । वामदलों की ओर से माले के जिला सचिव भूवनेश्वर केवट ने कहा की महंगाई प्राकृतिक या आपदा की नहीं बल्कि कॉरपोरेट परस्त नीतियों की देन है । महंगाई के द्वारा कृत्रिम अभाव पैदा कर ग्रामीण गरीबों और मजदूरों को आर्थिक रुप गुलामों की तरह कमजोर बनानेकी साजिश की जा रही है महंगाई के खिलाफ हुंकार भरने वाली मोदी सरकार चूपी तोड़े वरना अच्छे दिन के बजाय बुरे दिन देखने होगें। ।भाकपा के जिला सचिव अजय सिंह ने कहा कि देश अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा है। पैट्रोलियम पदार्थों के साथ ही रसोई गैस और कोयला, बिजली भी इसके चपेट में है। गेहूं की आपूर्तिबंद कर सरकारडाल के बाद गरीबोंकीथालीसेरोटीछीननेपर आमादाहै माकपा के जिला सचिव सुखनाथ लोहारा ने।कहा की बेकारी युवाओ के जिंदगी को अंधेरे में धकेल दिया है। केंद्र सरकार से वाम पार्टियों ने मांग की है की .बेलगाम महंगाई ,रसोई गैस, पेट्रोलियम पदार्थों की बेतहासा मूल्यवृद्धि , इस पर लगाए गए सभी सरचार्ज एवं वैट वापस लिए जाय।
इनकम टैक्स के दायरे से बाहर सभी परिवारों को 7500 रुपए प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता की गारंटी कीया जाय। मंहगाई विरोधी जन अभियान में भाकपा के बीरेंद्र विश्वकर्मा माले के नगर सचिव नंदिता भट्टाचार्य, झारखन्ड आंदोलनकारी मोर्चा के पुष्कर महतो,प्रकाशनार्थ
रांची 28 मई 2022
महंगाई कॉरपोरेट परस्त नीतियों की देन_ वामदल
अल्बर्ट एक्का चौक पर वाम दलों ने चलाया मंहगाई विरोधी अभियान।
रोको महंगी बांधो दाम नहीं तो होगा चक्का जाम के नारे के साथ वामदलों ने महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ देशव्यापी अभियान के तहत आज अल्बर्ट एक्का चौक पर अभियान चलाया। महंगाई विरोधी जोरदार नारों के साथ पर्चा वितरित किया गया। भाकपा(माले) ,भाकपा माकपा, एसयूसीआई मासस, समेत वामदलों। के नेतागण उपस्थित थे । वामदलों की ओर से सीपीआई के जिला सचिव अजय सिंह ने कहा की महंगाई प्राकृतिक या आपदा की नहीं बल्कि कॉरपोरेट परस्त नीतियों की देन है । महंगाई के द्वारा कृत्रिम अभाव पैदा कर ग्रामीण गरीबों और मजदूरों को आर्थिक रुप गुलामों की तरह कमजोर बनानेकी साजिश की जा रही है महंगाई के खिलाफ हुंकार भरने वाली मोदी सरकार चूपी तोड़े वरना अच्छे दिन के बजाय बुरे दिन देखने होगें। ।भाकपा माले के जिला सचिव भुबनेश्वर केवट ने कहा कि देश अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा है। पैट्रोलियम पदार्थों के साथ ही रसोई गैस और कोयला, बिजली भी इसके चपेट में है। गेहूं की आपूर्तिबंद कर सरकारडाल के बाद गरीबोंकीथालीसेरोटीछीननेपर आमादाहै माकपा के जिला सचिव सुखनाथ लोहारा ने।कहा की बेकारी युवाओ के जिंदगी को अंधेरे में धकेल दिया है। केंद्र सरकार से वाम पार्टियों ने मांग की है की .बेलगाम महंगाई ,रसोई गैस, पेट्रोलियम पदार्थों की बेतहासा मूल्यवृद्धि , इस पर लगाए गए सभी सरचार्ज एवं वैट वापस लिए जाय।राजद के राजेश यादव ने महंगाई के लिए केंद्र की नीतियों को जिम्मेदार बताया।इनकम टैक्स के दायरे से बाहर सभी परिवारों को 7500 रुपए प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता की गारंटी कीया जाय।
मंहगाई विरोधी जन अभियान में भाकपा के बीरेंद्र विश्वकर्मा माले के नगर सचिव नंदिता भट्टाचार्य, झारखन्ड आंदोलनकारी मोर्चा के पुष्कर महतो, भीम साहू, माकपा के बीरेंद्र कुमार, एस यू सी आई के
मिंटू पासवान सावरूप कुमार छात्र नेता सोहेल अंसारी सृष्टि भट्टाचार्य आदि मुख्य रुप से उपस्थित थे।
भुवनेश्वर केवट, माले भीम साहू, माकपा के बीरेंद्र कुमार, सावरूप कुमार छात्र नेता सोहेल अंसारी सृष्टि भट्टाचार्य आदि मुख्य रुप से उपस्थित थे।

 

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