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रामगढ़ : ताइवान के प्रतिनिधि पहुंचे चाईना कब्रिस्तान

• शहीद सैनिकों के कब्र पर पुष्प अर्पित कर हुए नतमस्तक
बौद्ध मंदिर में की पूजा, सेमेट्री का लिया जायजा

रामगढ़ : ताइवान देश के दूतावास के तौर पर भारत में स्थापित ताइपे इकोनॉमिकल एंड कल्चरल सेंटर, नई दिल्ली के प्रतिनिधि बौशुआन गेर मंगलवार को लगभग 9:45 बजे रामगढ़ के चाइना कब्रिस्तान पहुंचे। इस दौरान उनके साथ सहायक प्रतिनिधि हैनपिन हुआंग, लाइजनिंग सेक्शन निदेशक त्शाउ ई शुआन और कोलकाता से चाईनीज डेविड  मौजूद रहे।

अधिकारियों ने सर्वप्रथम कब्रिस्तान के बीच स्थित विजय स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर नतमस्तक हुए। इसके उपरांत सभी ने बौद्ध मंदिर में पूजा अर्चना की। वहीं पूरे सेमेट्री का अवलोकन करते हुए अधिकारियों ने अपने शहीद सैनिकों की कब्रों पर भी श्रद्धा सुमन अर्पित किया। प्रतिनिधि बौशुआन गेर ने बताया कि शहीद ताइवानी सैनिकों के सम्मान में यहां पहुंचे हैं। रिपब्लिक ऑफ चाइना की सरकार का मानना है कि यहां ताइवान के सैनिकों की कब्र है।

बताते चले कि भारत में ताइवान के दूतावास के रूप में ताइपे आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र नयी दिल्ली के वसंत विहार इलाके में स्थित है। जो हमारे देश में ताइवान का प्रतिनिधित्व करता है। ताईवान के यह सेंटर अन्य देशों में भी स्थापित हैं। भारत में इसकी स्थापना 1995 में की गई थी।

● ताइवान के सैैैन्य नेेेता चांंग काइ सेक की याद मेें स्थापित है स्तंभ

चाइन कब्रिस्तान में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान शहीद 667 सैनिकों की कब्र है। जो युद्धाभ्यास के दौरान सांपों के डंसने और गंभीर बिमारियों की वजह से मारे गये थे। बताया जाता है कि जो सैनिक शहीद हुए वे भौगोलिक रूप से ताइवान के थे। ताइवान देश चीन से अलग एक द्वीप है। जिसे चीन हमेशा से अपना हिस्सा मानता रहा है। इसे लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय विवाद चलता रहा है। ताइवान की अपनी सरकार है जो बहुदलीय लोकतांत्रिक पद्धति के अनुसार चलती है। सेमेट्री के बीचोबीच विशाल स्तंभ भी ताइवान के प्रसिद्ध सैन्य नेता चांग काई शेक के सम्मान में स्थापित है। 

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